100% एथेनॉल फ्यूल को मिली मंजूरी, गडकरी बोले- पेट्रोल का विकल्प बनने जा रहा E100

सरकार ने E100 फ्यूल को दी कानूनी मान्यता, जल्द सड़कों पर दौड़ेंगी 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 100 प्रतिशत एथेनॉल (E100) फ्यूल के उपयोग को कानूनी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने बताया कि E100 फ्यूल से संबंधित नियमों की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं, जिससे अब 100% एथेनॉल से चलने वाले वाहनों का रास्ता साफ हो गया है।


गडकरी बोले- मेरा सपना अब साकार हो रहा

नितिन गडकरी ने कहा कि वर्षों से वह पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में एथेनॉल आधारित वाहनों की वकालत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कई लोग इस विचार का मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब E100 फ्यूल को कानूनी मान्यता मिल चुकी है।


क्या है E100 फ्यूल?

E100 का मतलब है ऐसा ईंधन जिसमें लगभग 100 प्रतिशत एथेनॉल का उपयोग किया जाता है। यह मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसे पारंपरिक पेट्रोल के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।


जल्द लॉन्च होंगी नई गाड़ियां

गडकरी के अनुसार कई ऑटोमोबाइल कंपनियां जल्द ही E100 या फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बाजार में उतारने जा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Maruti Suzuki पहले ही 100% एथेनॉल पर चलने वाले वाहन का प्रदर्शन कर चुकी है, जबकि Toyota, Hyundai, MG Motor और अन्य कंपनियां भी ऐसे मॉडल लाने की तैयारी में हैं।


पेट्रोल आयात पर घटेगी निर्भरता

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि भारत हर साल पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर भारी राशि खर्च करता है। एथेनॉल आधारित ईंधन के उपयोग से आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।


किसानों को भी होगा फायदा

एथेनॉल उत्पादन में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। गन्ना, मक्का और अन्य फसलों से एथेनॉल तैयार होने के कारण किसानों को अतिरिक्त बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


पहले E85 और E30 को भी मिला बढ़ावा

हाल ही में केंद्र सरकार ने E22 से E30 तक के उच्च एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में छूट दी थी। वहीं E85 ईंधन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। E100 को मंजूरी मिलना इसी नीति का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।


क्या मौजूदा गाड़ियों में भरवा सकेंगे E100?

विशेषज्ञों के अनुसार E100 फ्यूल सामान्य पेट्रोल वाहनों में उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन और ईंधन प्रणाली की आवश्यकता होगी। इसलिए E100 का लाभ उन्हीं वाहनों को मिलेगा जो इसके अनुरूप विकसित किए जाएंगे।


हरित ईंधन की ओर बड़ा कदम

सरकार का मानना है कि E100 फ्यूल से प्रदूषण कम होगा, आयात बिल घटेगा और किसानों की आय बढ़ेगी। आने वाले महीनों में यदि ऑटो कंपनियां बड़े पैमाने पर फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बाजार में उतारती हैं, तो भारत के परिवहन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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